बोले हुए शब्द वापस नहीं आते …【Spoken words do not return…】

बोले हुए शब्द वापस नहीं आते…
【Spoken words do not return…】
 
एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया.उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा।
 
संत ने किसान से कहा , ” तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो , और उन्हें शहर  के बीचो-बीच जाकर रख दो .” किसान ने ऐसा ही किया और फिर संत के पास पहुंच गया।
 
तब संत ने कहा , ” अब जाओ और उन पंखों को इकठ्ठा कर के वापस ले आओ”
 
किसान वापस गया पर तब  तक सारे पंख हवा से इधर-उधर उड़ चुके थे। और किसान खाली हाथ संत के पास पहुंचा। तब संत ने उससे कहा कि ठीक ऐसा ही तुम्हारे द्वारा कहे गए शब्दों के साथ होता है,तुम आसानी से इन्हें अपने मुख से निकाल तो सकते हो पर चाह कर भी वापस नहीं ले सकते।
 
इस कहानी से क्या सीख मिलती है :-
 
कुछ कड़वा बोलने से पहले ये याद रखें कि भला-बुरा कहने के बाद कुछ भी कर के अपने शब्द वापस नहीं लिए जा सकते. हाँ, आप उस व्यक्ति से जाकर क्षमा ज़रूर मांग सकते हैं, और मांगनी भी चाहिए, पर human nature कुछ ऐसा होता है की कुछ भी कर लीजिये इंसान कहीं ना कहीं hurt हो ही जाता है।
 
आप किसी को बुरा कहते हैं तो वह उसे कष्ट पहुंचाने के लिए वो आप ही को अधिक कष्ट देता है. खुद को कष्ट देने से क्या लाभ, इससे अच्छा तो है की चुप रहा जाए।
 
__________________________________________
_____________________________________________
बोले हुए शब्द वापस नहीं आते ...【Spoken words do not return...】
 
Once a farmer called his neighbor very bad, but when he later realized his mistake he went to a saint. He asked the saint how to take back his words.
 
 
 The saint told the farmer, “You collect a lot of feathers, and keep them in the middle of the city.”  The farmer did the same and then reached the saint.
 
 
 Then the saint said, “Now go and collect those wings and bring them back”
 
 
 The farmer went back, but by then all the wings had flown in from the air.  And the farmer reached the saint empty-handed.  Then the saint told him that the same thing happens with the words you say, you can easily remove them from your mouth but you cannot take them back even if you want to.
 
 
 What can be learned from this story: –
 
 
 Before saying something bitter, remember that after saying good and bad, your words cannot be taken back by doing anything.  Yes, you can go and ask for forgiveness from that person, and should also ask for it, but human nature is something that a human being gets hurt somewhere.
 
 
 If you call someone bad, then he hurts you more to make him suffer.  What is the benefit of suffering yourself, it is better to be silent.
 
@Thanks 💚
 
 

1 thought on “बोले हुए शब्द वापस नहीं आते …【Spoken words do not return…】”

Leave a Comment

error: Content is protected !!