monkeypox kya hai

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monkeypox kya hai Hindi me puri jankari :-

monkeypox के अधिकतर मामलों में इलाज की जरूरत नहीं, डरें नहीं पर सावधानी रखें :-

monkeypox kya hai
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Monkeypox के मामले भारत सहित करीब 75 देशों में मिल चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से भी जागरूकता एडवाइजरी जारी की गई है। पिछले दो साल में कोरोना के कारण लोगों को इतनी दिक्कत हुई कि अब वे monkeypox से भी डर रहे हैं। आज के अंक में जानते हैं, monkeypox के बारे में सब कुछ ताकि डरें नहीं, सावधानी बरतें।

यह Virus कैसे फैलता है? monkeypox in hindi

कोरोना जैसे ही इसकी भी जांच

संक्रमित व्यक्ति और जानवरों से Virus व्यक्ति के जख्म से निकल-कर आंख, नाक व मुंह के जरिए दूसरे इंसान तक पहुंच सकता है। यह कुत्ते, बिल्ली, बंदर जैसे जानवरों के संपर्क में आए बेड्स, कपड़ों से भी फैल सकता है। संक्रमित के करीब जाने, हाथ मिलाने, संबंध बनाने से भी फैल सकता है।

कोरोना की तरह इसकी भी जांच आरटी-पीसीआर टेस्ट से होती है, लेकिन कोरोना का सेम्पल नाक या गले से लिया जाता है। monkeypox में सेम्पल मरीज के शरीर पर निकले दानों के मवाद से लेते हैं। इसकी जांच में डीएनए का मिलान किया जाता है। फिलहाल एनआइवी पुणे में ही इसकी जांच हो रही है। पहचान के लिए क्लीनिकल व डायग्नोस्टिक, दोनों ही जरूरी हैं।

क्या है monkeypox?

यह वायरल जूनोटिक बीमारी है। इसमें बुखार के साथ शरीर पर रैशेज आते हैं, जो monkeypox Virus के संक्रमण से होती है। यह Virus, चेचक परिवार से संबंध रखता है, लेकिन बंदर, गिलहरी, चूहे आदि से भी फैलता है। यह बीमारी कोरोना से बिल्कुल अलग है। इसमें डीएनए Virus है, इसलिए हवा से नहीं फैलता। मरीज के संपर्क में आने से उसके ड्रॉपलेट, लार, खून या स्पर्म से ही फैलता है।


monkeypox का कारण क्या है? What is the cause of monkeypox? 

monkeypox एक फैलने वाली बीमारी है यह एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में बड़ी आसानी से फ़ैल सकती है। अगर कोई व्यक्ति किसी संक्रमित व्यक्ति या जानवर निकट संपर्क के माध्यम से या Virus से दूषित सामग्री के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है। ऐसा माना जाता है कि यह चूहों, चूहियों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह रोग घावों, शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और दूषित सामग्री जैसे बिस्तर के माध्यम से फैलता है। यह Virus चेचक की तुलना में कम संक्रामक है और कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है।

 

monkeypox के लक्षण क्या है? What are the symptoms of monkeypox?

monkeypox के लक्षण बहुत जल्द सामने आने लगते हैं जिसमें सबसे पहले हल्के से गंभीर बुखार हो सकता है। बुखार के साथ-साथ संक्रमित को मांसपेशियों में दर्द, जकड़न और कमजोरी महसूस हो सकती है।  इसके साथ ही जैसे-जैसे monkeypox की बीमारी बढ़ने लगती है वैसे-वैसे संक्रमित रोगी के लिम्फ नोड्स में सूजन आने लगती है जो कि monkeypox की सबसे बड़ी पहचान है। 

monkeypox होने पर रोगी के शरीर में पांच दिनों के भीतर शरीर में चेचक यानि माता के निशान बनने लग जाते हैं जिससे रोगी को और भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।  monkeypox होने पर रोगी को मुख्य तौर पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं :-

  1. बुखार
  2. सिर दर्द
  3. मांसपेशियों में दर्द
  4. पीठ दर्द
  5. सूजी हुई लसीका ग्रंथियां (swollen lymph nodes)
  6. ठंड लगना
  7. थकावट

बुखार आने के 1 से 3 दिनों के भीतर (कभी-कभी अधिक) रोगी को एक दाने का विकास होता है, जो अक्सर चेहरे पर शुरू होता है और फिर शरीर के अन्य भागों में फैल जाता है। 

 

monkeypox की वजह से बने घाव ठीक होने से पहले निम्नलिखित चरणों से गुजरते हैं :-

  1. उपरंजकयुक्त (Macules) 
  2. पपुल्स (Papules) 
  3. पुटिकाओं (Vesicles) 
  4. छाले (Pustules)
  5. स्कैब्स (Scabs)

monkeypox 21 दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाती है। गंभीर मामलों में रोगी को अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ता है। 

 

क्या Sex करने से भी monkeypox हो सकता है? Can having sex cause monkeypox?

हां, Sexuअल रिलेशनशिप इस गंभीर बीमारी के फैलने का बड़ा कारण है और इसकी पुष्टि हो चुकी है। शुरुआत से इस बारे में हम जानते हैं को monkeypox रोगी के करीब आने से फैलती है, वहीं यौन संबंध स्थापित करते हुए अपने साथी के करीब ही आना होता है। 

Sex करने और इस गंभीर बीमारी के प्रसार की पुष्टि करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपाताकलीन विभाग के पूर्व प्रमुख डेविड हेमान (David L। Heymann) ने समाचार एजेंसी एपी (AP) से बातचीत में बताया कि इस बीमारी यानि monkeypox के फैलाव को समझने का एक प्रमुख सिद्धांत कहता है कि यह यौन संक्रमण के जरिये हुआ है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि स्पेन और बेल्जियम में हाल ही में हुए कार्यक्रमों के लिये जमा हुए समलैंगिक और बाइSexuअल पुरुषों में इसके प्रसार के कई मामले सामने आये थे।  

 

स्पेन की राजधानी मैड्रिड की विधानसभा के सदस्य एनरिक रुइज़ एस्कुडेरो (Enrique Ruiz Escudero, Member of the Assembly of Madrid) ने सोमवार को बताया कि राजधानी में अब तक 30 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। एस्कुडेरो का कहना है कि अधिकारी हाल ही में केनरी आइलैंड पर हुए गे परेड और बीमारी के प्रसार के बीच संबंध होने की पड़ताल कर रहे हैं। इस कार्यक्र में 80 हजार से ज्यादा लोग आये थे। इसके अलावा मैड्रिड सॉना में भी संक्रमण की बात पता चली है।  

 

इस बारे में लंदन के इंपीरियल कॉलेज के वायरोलॉजिस्ट माइक स्किनर (Virologist Mike Skinner of Imperial College, London) का कहना है कि “यौन गतिविधियों की प्रकृति है अंतरंग संपर्क होना, ऐसी स्थिति में बीमारी के प्रसार की आशंका बढ़ जाती है, इसमें किसी व्यक्ति का यौन रुझान और संक्रमण का तरीका चाहे जो हो उससे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन यह स्पष्ट है कि यौन संबंध स्थापित करने से यह बीमारी होने की आशंका काफी ज्यादा है।

 

monkeypox के बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटेन के स्वास्थ्य अधिकारीयों ने अपने एक बयान में मीडिया को सूचित किया है कि अभी जो monkeypox के मामले ब्रिटेन और यूरोप में सामने आ रहे हैं उमनें से अधिकतर युवाओं का अफ्रीका से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुर्तगाल और स्पेन के कुछ स्वास्थ्य अधिकारीयों ने बताया है कि कुछ समलैंगिक जोड़े Sexुअल हेल्थ क्लीनिक में जख्मों का इलाज कराने गये थे, उसी दौरान उनकी जांच में monkeypox के संक्रमण का पता चला। 

 

फिलाहल सामने आए मामलों के अनुसार गे पुरुष और बायSexुअल में monkeypox बीमारी ज्यादा देखने को मिले हैं, इसमें महिलाओं में भी यह  बीमारी देखने को मिली है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह Sex करने से फैलती है। 

 

monkeypox से बचाव के लिए सामान्य Sex संबंधित जानकारी। General sex related information to prevent monkey pox. 

फिलाहल, monkeypox केवल गे और बायSexuअल तक ही सिमित माना जा रहा है। लेकिन आने वाले समय में यह उन लोगों लोगों को भी होने की आशंका है जो कि सामान्य यौन संबंध बनाते हैं यानि महिला और पुरुष के बीच होने वाला Sex। 

 

जब से इस बारे में पुष्टि हुई है कि monkeypox Sex करने से फैलता है तब से बहुत से लोगों को यह डर सताने लगा है कि क्या अब उन्हें Sex नहीं करना चाहिए या उन्हें कितने समय तक Sex से दूरी बना कर रखनी चाहिए। यह सवाल उन लोगों के दिल में जरूर उठ रहा होगा जो कि गे है या महिलाओं और पुरुषों दोनों के साथ Sex करना पसंद करते हैं। 

 

अभी फ़िलहाल, कोरोना जैसी सावधानियों के साथ-साथ हमें Sex से जुड़ी सावधानियों का भी विशेष ध्यान रखना होगा ताकि monkeypox जैसी गंभीर बीमारी को होने से रोका जा सके। यहाँ नीचे कुछ Sex से जुड़ी सावधानियों के बारे में बताया गया है जो कि आपको monkeypox से बचने में मदद कर सकते हैं :-

 

  1. Condom का इस्तेमाल करें, इससे Sex से जुड़ी अन्य बिमारियों और संक्रमण के साथ-साथ monkeypox से भी बचाने में मदद कर सकता है।

 

  1. Sex के दौरान अगर आप ओरल Sex करना पसंद करते हैं तो इस दौरान भी Condom का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। ओरल Sex Condom या मुंह का Condom का इस्तेमाल काफी कम किया जाता है, क्योंकि लोगों को इसके बारे में कम जानकारी है। आप ‘गोइंग डाउन (going down’)’, ‘ब्लो जॉब (blowjob)’, ‘गिविंग हेड (giving head)’, ’69’ या ‘रिमिंग (riming)’ के दौरान ओरल Condom का इस्तेमाल जरूर करें।

 

  1. ओरल Sex करते समय सावधानी जरूर रखे। आप इस बारे में भी ध्यान रखें कि कहीं आपके साथी के निजी अंगों में कोई संक्रमण या गंदगी तो नहीं है। इसलिए अपने साथी को कहें कि अव् अपने निजी अंगों की सफाई ठीक से करें, ताकि संक्रमण का डर न हो।

 

  1. अपने साथ को साझा न करें और कम साथी रखें, ताकि monkeypox से बचाव हो सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह करते हुए कहा कि monkeypox से बचने के सिमित साथियों के साथ हिज एक्स करें, खासकर उनके साथ ही Sex करें जिन्हें आप पहले से जानते हैं, यानि कि आप पहले भी उनके स्वास्थ्य के बारे में। ऐसे में बेहतर होगा कि आप ग्रुप Sex से भी बचे ताकि monkeypox का खतरा होगा। अगर आप हर बार नये साथी के साथ Sex करते हैं तो इससे ने केवल यौन बीमारियाँ या संक्रमण होने का खतरा होता है बल्कि monkeypox का भी खतरा बढ़ता है।

 

  1. monkeypox से बचाव के लिए आप अपने Sex टॉय को साझा करने से बचे। जब आप अपने Sex टॉय किसी के साथ साझा करते हैं तो इससे भी Sex से जुड़ी बिमारियों के होने का खतरा बढ़ता है। इस्तेमाल करने एक बाद अपने Sex टॉय को ठीक से साफ़ करें और हो सके तो Sex टॉय का इस्तेमाल करते हुए Condom का इस्तेमाल जरूर करें।

 

  1. फोरप्ले में सावधानी बरते, क्योंकि अकेले Condom और अन्य उपायों के बावजूद भी monkeypox होने का खतरा बना रहता है। आपको बता दें कि monkeypox गले लगाने, चूमने या संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए बिस्तर, कपड़े या वस्तुओं के संपर्क में आने से भी फैल सकता है, इसलिए Condom का उपयोग करने जैसी विधियां लाभकारी साबित नहीं होगी।

 

  1. अपने साथी के स्वास्थ्य के बारे में जाने और उन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में बताए। अगर आप हाल में किसी monkeypox संक्रमित या अन्य किसी Sex संबंधित रोगी के संपर्क में आए हैं तो आपको इस बारे में अपने साथी को जरूर बताना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए।

 

  1. Sex करते हुए ल्यूब का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि अन्य उपायों का। बाज़ार में फ़िलहाल बड़ी आसानी से ल्यूब मिल जाती है।

 

monkeypox की बीमारी कैसे फैलती है? How is monkeypox spread?

monkeypox किसी संक्रमित जानवर के काटने से, या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ, या फर को छूने से हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह चूहों और गिलहरियों जैसे कृन्तकों (rodents) द्वारा फैलता है। संक्रमित जानवर का मांस खाने से भी इस बीमारी को पकड़ना संभव है जिसे ठीक से पकाया नहीं गया है उससे भी यह फ़ैल सकता है। फ़िलहाल, वर्तमान समय तक अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें monkeypox किसी जल में रहने वाले जीव से फैला हो या किसी जलधारी जीव में देखा गया हो। 

 

अगर monkeypox के मनुष्य से मनुष्य में फैलने के बारे में बात कि जाए तो यह संक्रमित के संपर्क में आने से फैलता है। अगर कोई व्यक्ति monkeypox से संक्रमित है तो उसके सांस, छींकते, खासतें या अन्य किसी तरह से श्वसन कणों की बूंदों के संपर्क में आने से हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति या स्वास्थ्य कार्यकर्ता लंबे समय तक monkeypox रोगी की देखरेख करता है तो उसे भी monkeypox होने की आशंका होती है।

यह चेचक के टीकाकरण की समाप्ति के कारण सभी समुदायों में घटती प्रतिरक्षा को प्रदर्शित कर सकता है। मां से भ्रूण (जिससे जन्मजात monkeypox हो सकता है) या जन्म के दौरान और बाद में निकट संपर्क के दौरान प्लेसेंटा के माध्यम से भी संचरण हो सकता है। 

 

Sex करने यानि शारीरिक संबंध स्थापित करने से भी monkeypox होने की आशंका काफी ज्यादा है जिसके बारे में हम ऊपर पहले ही विस्तार से बात कर चुके हैं। 

monkeypox की नैदानिक ​​​​विशेषताएं क्या हैं? What are the clinical features of monkeypox? 

मनुष्यों में, monkeypox चेचक के समान है, सिवाय इसके कि लिम्फ नोड्स (लिम्फैडेनोपैथी) का बढ़ना monkeypox से जुड़ा है। एक्सपोजर के लगभग 12 दिनों के बाद, बीमारी बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, सूजन लिम्फ नोड्स, बेचैनी की एक सामान्य भावना और थकावट से शुरू होती है। बुखार आने के 1 से 3 दिनों के भीतर (कभी-कभी लंबे समय तक), रोगी को एक दाने (यानी उभरे हुए धक्कों) का विकास होता है, अक्सर पहले चेहरे पर लेकिन कभी-कभी शुरू में शरीर के अन्य हिस्सों पर। घाव आमतौर पर क्रस्टिंग और गिरने से पहले कई चरणों में विकसित होते हैं। 

 

क्या monkeypox घातक है? Is monkeypox fatal?

monkeypox कितना घातक है यह आप इस बात से समझ सकते हैं कि यह बहुत ही कम दिनों में 19 देशों में दस्तक दे चूका है। इस गंभीर बीमारी की वजह से रोगी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिसमें त्वचा संबंधित समस्याएँ भी है जो कि उम्र भर तक साथ रह सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो monkeypox के हर 10 रोगियों में से एक की जान जाने का खतरा रहता है। फ़िलहाल, सामने आए मामलों में से अभी तक किसी भी रोगी के जान जाने की खबर नहीं है। 

monkeypox Virus तेजी से क्यों फैल रहा है? Why is the monkeypox virus spreading so fast?

Virus सबसे छोटे कण होते हैं जिन्हें जीवित के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। कई बार भौतिक अवरोध उन्हें रोक नहीं पाते हैं और एक जीव से दूसरे जीव में विषाणुओं को संचारित करने के लिए बहुत कम संख्या में कणों की आवश्यकता होती है। monkeypox संक्रमित जानवरों/मनुष्यों के शरीर के स्राव के स्पर्श/संपर्क से फैल सकता है और इसलिए यह तेजी से फैल रहा है। अनुमानित संचरण दर 3।3% से 30% है, लेकिन कांगो में हाल ही में फैलने की अनुमानित संचरण दर 73% थी। 

monkeypox, चेचक या चिकनपॉक्स से कैसे अलग है? How is monkeypox different from smallpox or chickenpox?

चिकनपॉक्स या चेचक monkeypox से ज्यादा अलग नहीं है। दोनों के ही लक्षण और समस्याएँ काफी सामान है। लेकिन लिम्फ नोड्स में आई सूजन monkeypox की सबसे बड़ी पहचान है। चेचक होने पर शरीर में फफोले बनते हैं जो कि monkeypox में भी होते हैं और साथ ही बाकी लक्षण भी दिखाई देते हैं, लेकिन इसमें लिम्फ नोड्स में सूजन नहीं आती। monkeypox होने पर लिम्फ नोड्स में काफी सूजन आती है जो कि इसकी पहचान है। 

 

क्या monkeypox अगली महामारी होगी? Will monkeypox be the next pandemic?

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इसके वैश्विक महामारी में बदलने का जोखिम कम है। लेकिन विचित्र बात यह है कि मामलों को एक समान स्रोत या संपर्कों का पता नहीं लगाया गया है और इसलिए यौन जैसे संचरण के एक अन्य तरीके पर भी विचार किया जा रहा है।

 

monkeypox होने का खतरा किसे है? Who is at risk of getting monkeypox?

monkeypox के मामले आम तौर पर मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में सबसे आम हैं, उन लोगों में जो हाल ही में उन क्षेत्रों की यात्रा करते हैं, और जिन लोगों का आयातित जानवरों के साथ संपर्क रहा है। लेकिन हाल ही में अफ्रीका के बाहर उन लोगों में monkeypox के मामले सामने आए हैं, जिन्होंने यात्रा नहीं की है। इसलिए इसका खतरा फ़िलहाल किसे ज्यादा है इस बारे में कुछ भी सटीक नहीं कहा जा सकता।

 

क्या मंकी पॉक्स एयरबोर्न है? Is Monkey Pox Airborne?

COVID-19 के विपरीत, जो मुख्य रूप से हवाई संचरण और छोटी बूंदों के गुजरने से फैलता है, monkeypox निकट शारीरिक संपर्क के माध्यम से अनुबंधित होता है। 

 

क्या monkeypox को मौसमी मानने का कोई कारण है? Is there any reason to think monkeypox is seasonal?

वर्ष के उस समय में जब लोग घर के अंदर से अधिक बाहर होते हैं, आप अधिकांश संक्रमणों, विशेष रूप से श्वसन संक्रमणों में गिरावट की अपेक्षा करते हैं। यह संपर्क द्वारा प्रेषित होता है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम इसे मौसमी के रूप में वर्गीकृत कर सकते हैं।

 

monkeypox को लेकर क्या भारत को चिंता करनी चाहिए? Should India worry about monkeypox?

भारत में अब तक monkeypox का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन भारत अभी से ही इसे लेकर अलर्ट मोड़ में आ चूका है और इस बाबत कई तैयारियां शुरू की जा चुकी है। सोमवार को मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (Brihanmumbai Municipal Corporation – BMC) ने कस्तूरबा अस्पताल में monkeypox के संदिग्ध मरीजों के लिए 28 बेड का आइसोलेशन वॉर्ड तैयार कर दिया है। हालांकि, अभी देश में इस बीमारी का एक भी मामला नहीं मिला है।

 

दुनिया भर में तेजी से फैलते संक्रमण को देखते हुए नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) – National Center for Disease Control और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) – Indian council of medical research को अलर्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि monkeypox प्रभावित देशों की यात्रा करके लौटे किसी भी बीमार यात्री को तुरंत आइसोलेट करें और सैंपल जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) – National Institute of Virology (NIV), Pune को भेजें।

 

बता दें कि सोमवार को बेल्जियम के बाद ब्रिटेन ने भी monkeypox के मरीजों के लिए 21 दिन का क्वारैंटाइन पीरियड कंपलसरी कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शीर्ष सरकारी संस्थान के एक जीवविज्ञानी ने कहा कि “बड़ी समस्या यह है कि बीमारी का निदान करने के लिए आवश्यक पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षण भारत में व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं है, और अधिकांश चिकित्सक इस बीमारी के विशिष्ट लक्षणों और बीमारी के बारे में जागरूक नहीं हो सकते हैं”।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जोखिम कारकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और Virus के जोखिम को कम करने के लिए वे जो उपाय कर सकते हैं, उनके बारे में लोगों को शिक्षित करना, monkeypox की रोकथाम की मुख्य रणनीति होनी चाहिए। वायरोलॉजिस्ट डॉ शाहिद जमील, ग्रीन टेम्पलटन कॉलेज, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में एक साथी और अशोक विश्वविद्यालय में एक अतिथि प्रोफेसर ने इस बारे में कहा कि “मुझे वास्तव में चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, कम से कम आयातित मामलों के बारे में तो नहीं। भारत में हर शहर में खुलेआम घूमने वाले बंदर हैं, लेकिन हां, जागरूकता जरूरी है।’ 

 

monkeypox का निदान कैसे किया जाता है? How is monkeypox diagnosed?

निदान ऊतक के नमूनों द्वारा होता है, जो हमें निदान उपचार देता है, यह ज्यादातर स्वयं सीमित है और दो से तीन सप्ताह के समय में ठीक हो जाता है। 

 

monkeypox का उपचार कैसे किया जाता है? How is monkeypox treated?

वर्तमान में, monkeypox Virus संक्रमण के लिए कोई सिद्ध, सुरक्षित उपचार नहीं है। फ़िलहाल तक कोई मामला सामने आने पर ‘monkeypox के प्रकोप को नियंत्रित करने के प्रयोजनों के लिए, चेचक के टीके, एंटीवायरल और वैक्सीनिया इम्यून ग्लोब्युलिन (VIG) का उपयोग किया जा सकता है।‘

 

क्या monkeypox Virus से बचाव संभव है? Is it possible to prevent monkeypox virus?

हाँ, monkeypox  से अपना बचाव किया जा सकता है, लेकिन इसमें कितनी सफलता मिलेगी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। स्वयं को monkeypox Virus के संक्रमण से बचाने के लिए आप निम्न वर्णित कई उपायों को अपना सकते हैं :-

 

  1. उन जानवरों के संपर्क में आने से बचें जो Virus को शरण दे सकते हैं (उन जानवरों सहित जो बीमार हैं या जो उन क्षेत्रों में मृत पाए गए हैं जहां monkeypox होता है)।
  2. किसी बीमार जानवर के संपर्क में आने वाली किसी भी सामग्री, जैसे बिस्तर, के संपर्क में आने से बचें।
  3. संक्रमित रोगियों को अन्य लोगों से अलग करें जिन्हें संक्रमण का खतरा हो सकता है।
  4. संक्रमित जानवरों या मनुष्यों के संपर्क में आने के बाद हाथ की अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें। उदाहरण के लिए, अपने हाथों को साबुन और पानी से धोना या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करना।
  5. मरीजों की देखभाल करते समय व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का प्रयोग करें।
  6. अगर आप किसी के साथ Sex करते हैं तो ध्यान रखें कि आपके साथी को monkeypox के लक्षण तो नहीं है या विदेश यात्रा का कोई इतिहास तो नहीं है (खासकर वो देश जहाँ फ़िलहाल monkeypox के सामने आ रहे हैं या अफ़्रीकी देश)। Sex करने के दौरान Condom का इस्तेमाल जरूर करें। Condom का इस्तेमाल ओरल Sex के दौरान भी जरूर करें।

इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं।


monkeypox kya hai – मिथ 1

क्या monkeypox, कोविड-19 जैसी ही एक नई महामारी है?

जवाब: नहीं। इसके Virus कोरोना जैसे नहीं फैलते हैं। इसलिए महामारी नहीं हो सकती है। अफवाहों से बचें।

 

monkeypox kya hai – मिथ 2

क्या केवल समलैंगिकों को ही खतरा है?

जवाब: ज्यादातर मामले समलैंगिक पुरुषों में ही देखे गए हैं, लेकिन इससे स्वास्थ्यकर्मियों, Sex वर्कर्स, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और जिन्हें पहले से कोई बीमारी है, उन्हें सावधानी रखने की जरूरत है।

 

monkeypox kya hai – मिथ 3

क्या इसका कोई इलाज नहीं है?

जवाब: ज्यादातर मामलों में बीमारी खुद से ठीक हो जाती है। लक्षणों के आधार पर दर्द या बुखार की दवा दी जाती है। पर्याप्त मात्रा में हैल्दी डाइट, पानी और नींद लें। दानों पर खुजली करने से बचें। इन्हें पानी व एंटीसेप्टिक से साफ करते रहें।


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