Software Kaise Banaye In Hindi Only In 5 Minutes | सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं.

Software कैसे बनाते हैं : दोस्तों आप सभी ने Software या Application (App) का नाम जरूर सुनते होंगे. और आपके मन में भी यही कभी ना कभी ख्याल आया होगा इसको बनाया कैसे जाते हैं जो हम इतना आसानी से कोई भी चीज को कर पाते हैं. यदि मैं आपको अभी उदाहरण देने जाऊंगा तो आप कोई भी मैथमेटिकल कैलकुलेशन मैनुअली कर रहे हो परंतु यदि आपके पास कैलकुलेटर का Software होगा तो, कितने भी बड़े कैलकुलेशन क्यों ना हो उसी को कुछ ही सेकंड में हमने निकाल सकते हैं. तो Software आपका काम को ऐसे ही आसान बना देते हैं.

Software को डेवलप करना या बनाना इतना भी आसान काम नहीं है पर इतना भी परेशानी होने वाली बात भी नहीं है क्योंकि आज के जमाने में ऐसे बहुत सारे टूल्स आ चुके हैं जिसकी मदद से आप कुछ ही सेकंड में अपना खुद का Software भी बना सकते हैं. आपको ही पता होगा Software बनाने के लिए Coding की जरूरत होती है और बहुत सारे लैंग्वेज एस के बारे में जानकारी रहना भी जरूरी है. पर आज हम आपको बताने वाले हैं कि आप बिना कुछ भी Coding के Software कैसे बनाते हैं.

Software Kaise Banaye In Hindi Only In 5 Minutes | सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं.
Software Kaise Banaye In Hindi Only In 5 Minutes | सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं.

Software Kaise Banaye In Hindi

Software बनाने के लिए Coding की जरूरत होती है चाहे वह android Software हो या desktop Software हो, और यह Code बाइनरी लैंग्वेज(binary language) में लिखा होता है, बाइनरी लैंग्वेज ‘0,1’ को ही कहा जाता है। इसको लिखने के लिए Java, C, C++,vb.net,asp.net,आदि की जरूरत होती है।

Android app/ Software कैसे बनाया जाता है

आज का जमाना मोबाइल इंटरनेट का जमाना है. आजकल हर किसी के पास स्मार्टफोन जरूर देखने को मिलेगा. स्मार्ट फोन के अंदर Android IOS का ऑपरेटिंग सिस्टम देखने को मिलते हैं. IOS ऑपरेटिंग सिस्टम के मामले में एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम ज्यादा आसान होते हैं इस्तेमाल करने के लिए और एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम वाली स्मार्ट फोन सस्ते भी होते हैं. इसीलिए ज्यादा लोग के पास एंड्रॉयड मोबाइल देखने को मिलते हैं और लोग इसे ही ज्यादा ही इस्तेमाल करना चाहते हैं. तो आइए जानते हैं Android app/ Software कैसे बनाया जाता है.

मोबाइल से Software कैसे बनाया जाता है

अभी जो हम तरीका बताने वाले हैं उसी तरीके में ऐसे नहीं कि सिर्फ आप मोबाइल से बना सकते हैं आप उसी तरीका को इस्तेमाल करके डेक्सटॉप या लैपटॉप पर भी Software बना सकते हैं. पहले आप आपका मोबाइल या लैपटॉप में ब्राउज़र को ओपन करना है और उसी में appsgeyser.com सर्च करना है. सर्च करने के बाद आपको कुछ इस तरह का इंटरफेस दिखाई देगा जैसे हम नीचे फोटो में दिखाए हैं.

Software Kaise Banaye
Software Kaise Banaye

Software बनाने के लिए बहुत सारे Application (App) या वेबसाइट आपको मिल जाएंगे पर अभी हमने जो वेबसाइट बताएं हैं उसमें कोई भी Software बनाना बहुत ही आसान है और बिल्कुल फ्री है यदि आप कुछ प्रोफेशनल तरीके से Software बनाना चाहते हैं या कुछ ज्यादा कस्टमाइजेशन करना चाहते हैं तो आपको उसी में प्रीमियम प्लान Purchase कर सकते हैं.

start software building
Software Kaise Banaye

इसी वेबसाइट पर आने के बाद आपको ऊपर लॉगइन का ऑप्शन दिख रहा होगा. जहां पर जाकर आपको ईमेल आईडी और पासवर्ड की मदद से नहीं तो आपका जीमेल आईडी की मदद से उसी वेबसाइट पर आपका अकाउंट बनाना पड़ेगा ताकि आप जो भी प्रोजेक्ट/ Software बना रहे हो उसी में सुरक्षित रहे. आप यदि पहले लॉगिन नहीं करना चाहते तो आप उसको Skip कर सकते हैं परंतु आपको कोई भी एप्स बनाकर डाउनलोड करने के लिए log in करना पड़ेगा.

Read also :- What is Digital Marketing? No. 1 Ideas

लॉगइन करने के बाद आपको उसी पेज में मैं एप्स फॉर फ्री का एक ऑप्शन मिल जाएगा जहां पर आप क्लिक करके आसानी से कुछ आसान स्टेप में कोई भी Software को बना सकते हैं. और Application (App) डेवलप करना बहुत प्रैक्टिकल चीज है सिर्फ आप यदि पढ़ता जाएंगे तो आप शायद उसको ठीक से ना समझ पाए इसीलिए आपके सुविधा के लिए नीचे हम एक वीडियो दिए हैं जिसको आप देखकर आसानी से इसे कंप्लीट कर सकते हैं.

Play Store पर अपना app कैसे बनाएं

अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि हमने Software बना तो लिया पर उसी को लोगों को कैसे पहुंचा जाए और कैसे वहां से पैसा कमा जा सके. यह भी बहुत आसान काम है सबसे बड़ा तरीका है होता है अपना Software को Play Store पर पब्लिश करके वहां से लोगों तक पहुंचा जाए और जो हम लोग उसको डाउनलोड करके इंस्टॉल करेंगे वहां से आप पैसा कमा सकते हैं. तो आइए देखते हैं Play Store पर अपना app कैसे बनाएं.

Play Store पर अपना app बनाने के लिए कुछ इस तरह का स्टेप फॉलो करना पड़ेगा.

आपको हम पहले भी बता देना चाहते हैं कि Play Store पर Application (App) पब्लिश करने के लिए पहले गूगल प्ले developer कंसोल पर रजिस्टर करना पड़ता है और रजिस्टर करने के लिए आपको कुछ 25 Dollar का चार्जेस लगते हैं. यदि आपके पास रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ भी पैसे नहीं है तो आप हमारा दूसरा तरीका को पढ़ सकते हैं कैसे आप Application (App) बनाके पैसा कमा सकते हैं. 
  • Step 1: Go to Google Play Developer Console
  • Step 2: Complete Registation( Paid)
  • Step 3: Select APK file
  • Step 4: Give important info. and Application screenshot
  • Step 5: Publish

गूगल Play Store developer कंसोल पे कैसे रजिस्टर करना है इसके ऊपर कंप्लीट वीडियो टुटोरिअल हम नीचे दिए हैं अब चाहे तो उसी को देख कर अपना रजिस्ट्रेशन प्रोसेस कंप्लीट कर सकते हैं और Application (App) को पब्लिश कर सकते हैं.

Popular android generator software website की  नाम जानते हैं यह कुछ website है जैसे ibuldapp.com इसके मदद से आप बिना Coding के Application (App) बना सकते हो। इसको प्रयोग करना बहुत ही आसान है और यह android Application (App) के लिए बहुत सी डिजाइन उपलब्ध करता है और भी कुछ वेबसाइट है जो कि andromo.com, mobicube.com.

Disclamer: Play Store में बहुत ही Application (App) मिलेगा जो कि Software बनाते हैं पर आपको बता देता हूं कि यह Software redirecting करके यूजर को आपकी website या channel का लिंक provide करती है। आपको एक professional Programर बनाना है तो आपको Coding सीखना जरूरी है। और एक बात ये है कि play store वाले Application (App) से आप Software बनके पैसा नहीं कमा सकते।

Software बनाकर कैसे पैसा कमाए

आप Software भी बना लिया, और अभी हम भी जाने वाले हैं कि कैसे हम इससे पैसा कमा सकते हैं. ऊपर हमने Play Store पर पब्लिश करके उसी में कई तरह का एडवर्टाइजमेंट नेटवर्क का इस्तेमाल करके आपकी Application (App) पर विज्ञापन चला सकते हैं और जब कोई भी यूजर आपका Application (App) में आकर कोई भी विज्ञापन में क्लिक करता है तो आप उसी से पैसा कमा सकते हैं. पर बहुत सारे लोगों को Play Store पर Application (App) का अप्रूवल नहीं मिलता और कुछ लोगों ने पहले पहले Paid Registration के चलते Play Store पर खुद का Application (App) को पब्लिश नहीं कर पाते.

यदि आपके पास भी कुछ इसी तरह का प्रॉब्लम है तो आपको परेशानी होने की कोई जरूरत नहीं है. अभी हम जाने वाले हैं कि बिना Play Store पर Application (App) को पब्लिश किए भी कैसे हम पैसा बना सकते हैं.

आपको पता होगा कि फेसबुक इंस्टाग्राम जैसे बड़े-बड़े social media पर लोगों ने पेड़ प्रमोशन करते हैं. यदि आपके पास कुछ हद तक पैसा है तो आप उसी में आपका Software का विज्ञापन डाल कर लोगों से डाउनलोड करा सकते हैं और जब लोग आपका Software को इस्तेमाल करने लगेंगे आप वहां से पैसा बना सकते हैं. ऐसे और भी बहुत सारे तरीके हैं जिसके बारे में हम नीचे दिया गया लेख में विस्तृत रूप में बताए हैं आप उसी को जाकर पढ़ सकते हैं और जान सकते हैं कि Software बनाकर कैसे पैसा कमाए.

Speaking Software कैसे बनाते है

Speaking software होता ये कि आप उसमें जो भी टाइप करके लिखोगे तो वह आपको वह चीज आपको वही चीज बोलकर सुनाएगा, तो चलिए जान लेते हैं speaking software बनाना कैसे है।

Speaking software
Speaking software

यह Software बनाने में आपको नोटपैड की जरूरत पड़ेगी और एक लिख की जो मैंने नीचे दे दिया है

पहले आपको नोटपैड को ऑन करना पड़ेगा उसी को ऑन करके बाद एक डांटा आपको टाइप करना हो जो कि मैं ऊपर दे दिया है, उसके बाद यह डाटा को सेव कर देना है और वहां पर file name पे स्पीकिंग Software दोगे, और वहां पर location दे कर सेव कर देना है, और हां उसका intention देख लीजिएगा एक बार क्योंकि उसका intention गलत हो तो पूरी software गलत हो जाएगा।

अब speaking Software बन चुका होगा तो उसी को अगर आप इस्तेमाल करना चाहते हो या एक बार चेक करना चाहते हो तो पहले आपको करना यह है कि,

पहले आपको स्पीकिंग Software icon पर क्लिक करना है, करने के बाद वहां पर एक interface आएगा यहां पर लिखने के लिए या टाइप करने के लिए कुछ जगा होगा जिसके ऊपर आप जो भी टाइप करोगे वह आपको बोलकर सुनाएगा। और एक खास बात इसमें है कि यह आपको बता देगा कि आपका कंप्यूटर male है या female है।

Program किसे कहते है

Program और कुछ नहीं बल्कि एक मशीन के व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए निर्देश Programing भाषा की एक सूची का उपयोग किया जाता है। विभिन्न प्रकार की Programing भाषा हैं, उनमें से एक ‘java’ एक लोकप्रिय Programing भाषा है जिसका उपयोग coding के लिए किया जाता है।

Programing लैंग्वेज किसे कहते है

यह एक कृत्रिम भाषा(Artificial language) है जिसे किसी मशीन को निर्देश देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उपयोग Program बनाने के लिए किया जा सकता है जो मशीन के व्यवहार को नियंत्रित करते हैं।

Typing Of Programming Language

हमारा Programing लैंग्वेज मुख्यतः दो प्रकार का होता है :

  1. High level language
  2. Low level language

1. High Level Language

High level language पोर्टेबल होता है और statements अंग्रेजी भाषा की तरह है अमूर्तता की मात्रा Programing भाषा के स्तर को परिभाषित करती है। ये high level language दो प्रकार का होता, एक है Procedural, Object oriented.

A. Procedural: –

प्रक्रियात्मक भाषा(Procedural language) कार्यक्रमों को समस्याओं को हल करने के लिए steps के अनुक्रम में लिखा जाता है।

B. Object Oriented: –

ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड Program(Object oriented program) प्रतिभागी ऑब्जेक्ट(participating object) के बीच functions का interaction है।

2. Low Level Language

Low level language एक ऐसा language है जिस को मशीन समझ सकता है और ये दो प्रकार का होता है, एक है machine language, assembly language.

A. Machine Language: –

मशीनी भाषा एक ऐसी भाषा है जो CPU पर सीधे चल सकती है। यह numeric होते हैं जिसका अर्थ है 0 और 1 की श्रृंखला में एक निर्देश है जो एक कंप्यूटर समझ सकता है। यह मशीन Code (machine code) को मैन्युअल (manually) रूप से लिखने के लिए एक त्रिज्या(tedious) और त्रुटि-प्रवण(error prone) बनाता है।

वे पोर्टेबल(portable) नहीं हैं, एक विशेष प्रकार की मशीन के लिए विशिष्ट मशीन भाषा है। अंततः सभी भाषाओं को मशीनी भाषा में अनुवाद करने की आवश्यकता है।

B. Assembly Language: –

Assembly language help एलिमेंट में ज्यादातर त्रुटि प्रवण और समय लेने वाली मशीन भाषा Programing है। यह शेष 1and0 को निर्देश के साथ बदल देता है जो संबंधित मशीन भाषा (corresponding machine language) के लिए मेमनोनिक Code (mnemonic code) हैं। 

Difference Between Procedural And Object Oriented

PROCEDURAL OBJECT ORIENTED
यह function पर अधिक ध्यान देने के साथ एक शीर्ष डाउन(Top down) दृष्टिकोण का पालन करता है। जहां डेटा पर अधिक focus है वहां एक bottom up approach का पालन करें।
इसके पास डेटा छिपाने का उचित तरीका नहीं है। एक वर्ग में डेटा और function को लपेटने(wrapping) में मदद करता है।
इसमे data सुराखित नेही होता है। यह सुरक्षित कार्यक्रमों के निर्माण में मदद करता है।
Code interdependent होता है। Code modular होता है।
Difference between Procedural and Object oriented


C

यह एक Programing भाषा है जिसके सहायता से आप Application (App) और Software का निर्माण कर सकते है। यह एक high level language है और इसको आप आसानी से सीख सकते हैं। अगर इसी language को आप सीख गए तो आपको programming language सीखने में काफी आसान हो जाएगा।

इसको सीखने के लिए आपको basic जानना बहुत जरूरी है। जब आप Software का प्रयोग करके कोई भी Program बनाते हैं, Program बनाने के बाद जब आप इसको run करोगे,अगर यहां पर गलती होगी तो वहां पर एक error आएगा और उसी error को आपको हटा देना है।

C++

C++ एक object oriented programming language है जिसका विकास 1980 में Bjarne Stroustrup द्वारा अमेरिका में हुआ था इसका इस्तेमाल system software बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पहले इसका नाम ‘C with classes’ था 1983 में C++ रखा गया।ये काफी highly मशीन के साथ interact होता जिसके कारण हम लोगों को काफी आसानी होता है उस language पे code करना।

OOPS( Object Oriented Programming System) के concept को C++ के द्वारा काफी आसानी तरीके से सीखा जा सकता है और एक खास बात इसमें है कि इसमें है कि अगर आप C++ को अच्छी तरीके से सीख लेते हो तो आपको किसी भी object oriented language को सीखने ज्यादा देर नहीं लगेगा।

इसका प्रयोग ORACLE database, mySQL, My SQL server, Apache server, Software को develop करने के लिए किया जाता है। विभिन्न प्रकार की मोबाइल platform Software, satellite connected software, आदि को C++ language में develop किया जाता है।

Java

Java भी एक object oriented programming language है जिसका 1995 में Sun Micro system ने विकसित किया था। इसका जो पहले नाम था ‘OAK’ , पर उसके बाद में Java में बदल दिया गया। इसको एक high level language माना जाता है क्योंकि इसको मानव के द्वारा बहुत आसान से लिखा या पढ़ा जा सकता है।

 Java Program एक साथ कई सारे कार्य कर सकता है, इसकी Software और Application (App) को develop करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह सबसे ज्यादा सुरखित language है इसलिए इसका इस्तेमाल web development के लिए किया जाता है। इंटरनेट पर Java दूसरे based language के साथ मिलकर काम करता है।

माइक्रोसॉफ्ट क्या है/ What Is Microsoft In Hindi

Microsoft एक कंपनी का नाम होता है। कई बार आपने सुना होगा या देखा होगा की MS Word,MS Excel,MS Powerpoint,आदि जैसे नाम,यहां पर जो MS लिखा हुआ है असल में इसका मतलब है microsoft. Microsoft वैसे भी दो शब्द को मिलाकर बनाया गया है एक है micro computer और दूसरा है software.

Microcomputer Software = Microsoft

यह दुनिया की एक सबसे बड़ी Software कंपनी है। 4 April 1975 को Bill Gates और Paul Allen ने इसको मिलके निर्माण किया था । इसको बनाने का मुख्य मकसद था ऑपरेटिंग सिस्टम को डेवलप करना। 1980 से माइक्रोसॉफ्ट ने microsoft windows,जो कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम थे उसे बनाना शुरू किया।

आज आपने क्या सीखा

आज हमने सीखा की Software कैसे बनाते है और Programing लैंग्वेज किसे कहते है और उसके प्रकार के बारेमे।उमीद ये करता हूँ कि आपको इसी लिख से बोहोत सीखने को मिला होगा जो कि आपका काम आ सके।

Leave a Comment

error: Content is protected !!